Missing School Days

Best days of life. This short poem is dedicated to all friends and remembering those moments which you have spent with your friends. without friends, you can’t live all these moments in your life. So never leave your friends.

आज फिर से उन यादों को
याद करने का दिल करता हैं
जब स्कूल ड्रेस पर, ना जाने कितने रंग होते थे
जब खाने का डब्बा, खुलते ही ख़ाली हो जाता था
जब कुछ ना आते हुए, एक दूसरे के भरोसे जाते थे
जब तू मेरा दोस्त हैं, सुन कर सारी लड़ाई भूल जाते थे
आज फिर से उन यादों को
याद करने का दिल करता हैं
जब कैंटीन में जा कर, ना जाने कितनी कहानियाँ सुनाते थे
जब टीचर की डांट भी, हमें नहीं रोक पाती थी
जब बेल बजने से पहले ही,बैग पैक हो जाते थे
जब घर जल्दी जाने की, कोई फ़िक्र नहीं सताती थी
आज फिर से उन यादों को
याद करने का दिल करता हैं

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